SHORT MORAL STORIES IN HINDI जो आपकी सोच बदल देगी…

short moral stories in hindi
-

Short moral stories in hindi के माध्यम से हम आपको जीवन, सफलता, ख़ुशी और परेशानी की ऐसी चाशनी बतायेंगे की आप जीवन को जीना प्रारंभ कर देंगे सही मायनो में..

Story in hindi

Short moral stories in hindi कि एक गांव में एक बूढ़ा आदमी रहता और बूढ़ा आदमी हमेशा खुद को थका हुआ, हारा हुआ और निराश मानता और जिस किसी से भी मिलता ऐसे ही निराशा की बातें करता और दूसरों को भी निराश करता..

ज्यों ज्यों उम्र बीतती गई वह आदमी और ज्यादा निराश होता गया..

जब वह 85 साल का हुआ तो लोगों ने एक बात सुनी और हर घर में अफवाह फैली कि आज ओल्ड मैन बहुत ज्यादा हैप्पी है..

गांव के सारे लोग आश्चर्य में पड़ गए और सब उससे मिलने के लिए गए… आज उस बूढ़े आदमी के चेहरे पर इतनी चमक थी की किसी युवा के चेहरे पर इतनी चमक नहीं हो सकती ..आज उसे कोई गिला- शिकवा नहीं मन में बड़ी ख़ुशी है …गांव के लोगों ने पूछा कि यह कैसे हो गया और क्या हुआ?

Old man ने कहा की मैं खुशियों के पिछे भागता रहा ताउम्र और खुशियाँ मिली नहीं और मिली तो More happines के चक्कर में महसूस नहीं कर पाया.. अब मैने खुशियों के पीछे भागना बंद कर दिया और मैं अब बहुत ही खुश हूँ..

खुशियों के पीछे भागोगे तो खुशियां उतनी दूर होती जाएगी और खुशियों की चाहत नहीं रखोगे तो आप बहुत ज्यादा खुश हो जाओगे…

Motivatioal Story in hindi about Problems

Short Moral stories in hindi एक गांव में एक बुद्धिमान व्यक्ति के पास में उसका दोस्त जाता है और कहता है कि वह बहुत ज्यादा दुखी है…उसके जीवन में बहुत ज्यादा परेशानियां है…..एक परेशानी से निपट नहीं पाता कि दूसरी परेशानी आ जाती है ….मैं अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत परेशान हूँ और मैं जिंदगी से थक चुका हूँ….. बुद्धिमान आदमी उस दोस्त से काफी देर बातें करता रहता है और बाद में बातों ही बातों में उसको एक चुटकुला सुनाता है …वह आदमी जोर से हंसता है…. बुद्धिमान आदमी उस चुटकुले को दोबारा सुनाता है तो आदमी मुश्किल से थोड़ा सा मुस्कुराता है… बुद्धिमान आदमी ने थोड़ी देर में चुटकुला तीसरी बार सुनाया तो दोस्त नाराज़ हो जाता है और कहता है कि एक ही चुटकुले को बार बार सुना करके क्यों बोर कर रहे हो?

विद्वान आदमी कहता है कि तुम भी तो जीवन की एक ही चुटकुलों जैसी प्रॉब्लम को बार बार सुना करके खुद को और दूसरों को बोर क्यों कर रहे हो? विद्वान आदमी का मित्र समझ जाता है कि जीवन में परेशानियां है और इनको बार बार रोने और सोचने की बजाय एक लतीफ़ा मानो और बार बार जैसे एक चुटकुले पर नहीं हँस सकते तो फिर एक ही परेशानी पर बार बार क्या रोना?

जीवन जिंदादिली का नाम है.. एक एक पल को जीना सीख लो..

Moral of short moral stories in hindi

जीवन फूलों की सेज नहीं है तो काँटों का ताज भी तो नहीं है…

बुड्ढ़ा आदमी बोला की enjoy your life every moment. Don’t chase happiness…

Short story in hindi

Short moral stories in hindi की चार दोस्त देर रात तक पार्टी करते हैं और नेक्स्ट डे होने वाले टेस्ट की तैयारी नहीं कर पाते हैं ..चारों दोस्त योजना बनाते हैं और डीन के पास जाते हैं और कहते हैं कि वह शादी में गए हुए थे ..मार्ग में उनकी कार का टायर burst हो गया और बड़ी मुश्किल से यहां पहुंचे हैं ..तैयारी नहीं हो पाई है टेस्ट की, इसलिए हमारे टेस्ट थोड़े बाद में लिए जाए…

डीन ने कुछ सोचा और कहा कि आप 3 दिन बाद में रीटेस्ट में बैठ जाना मगर शर्त यह है कि चारों को अलग-अलग बैठना है….

चारों दोस्तों का रीटेस्ट हुआ और टेस्ट में सिर्फ 2 सवाल पूछे गए थे जो 100 अंकों के थे…

  • Your name? marks 1
  • Which tire birst? Marks 99
  • 1..front left. 2.front right 3..back left 4 back right

दोस्तों यही हमारा जीवन है..short Moral stories in hindi का भाव है की हम इन छात्रों की तरह हैं और ईश्वर के सामने झूठ बोल रहे हैं और ईश्वर डीन की तरह सब का सब मालूम है..

आभार सुखराम जी सिंघाटिया जी का जो उन्होंने जीवन में किसी भी काम के प्रति gratitude रखने का भाव वाली यह टेबल भेजी…

Moral story in hindi

Short moral stories in hindi की एक महाराज एक बूढ़ी औरत के घर रोज़ खाना मांगने के लिए जाते.. औरत थोड़ी सनकी थी.. महाराज को खाना देना तो दूर उनको रोज़ अपमानित करती.. पड़ोस के लोग कहते कि महाराज क्यों इससे रोज़ अपमानित होते हो? एक घर छोड़ दो.. महाराज बोले कि मेरा कर्म &धर्म है याचना.. मना करे तो करे.. महाराज हिम्मत नहीं हारते हैं.. एक दिन बूढ़ी औरत गुस्से में आग बबूला बाहर निकली और महाराज की झोली में एक बड़ा सा पत्थर दे मारा.. महाराज बोले कोई बात नहीं माई! इतने समय बाद भाटा दिया है कभी आटा भी दोगी… मित्रो! धैर्य और कर्म बड़ी बात है… मेरे दादीसा बचपन में एक कहानी सुनाते थे.. एक आदमी बहुत आलसी था.. पड़ा रहता.. काम का ना काज का दुश्मन अनाज का.. एक दिन पत्नी ने चेतावनी दे कि आज कमाकर लाना.. खाली हाथ लौट आये तो आज भूखे ही रहना.. वो बेचारा इधर उधर गया पर कोई काम नहीं मिला.. अंत में थका हारा बेचारा चिंता में पड़ गया.. आज तो पत्नी खाना नहीं देगी.. क्या लेकर जाऊँ? कुछ लेजाने लायक भी तो नहीं दिख रहा.. इतने में उसको सामने मरा साँप दिखाई दिया.. उसने सोचा कुछ नहीं से तो यह साँप लेकर ही चला जाऊँ.. घर जाकर पत्नी को बताया कि बहुत मेहनत की पर कुछ नहीं मिला.. अंत में यह साँप मिला.. क्या करता इसको ले आया.. पत्नी बोली कि धर्म गर्न्थो में कर्म की महिमा बताई है.. ईश्वर ने आज यही लिखा था भाग्य में… हो सकता है इसमे ही कुछ अच्छा हो.. पत्नी ने पतिदेव को कहा कि साँप को छत पर फेंक आवो.. शाम को कुछ सोचेंगे कि क्या करना है… पति छत पर साँप को ले जाता है.. इसी दौरान एक बाज़ आता है जिसे मुँह में diamond का हार था.. साँप को देखकर बाज़ उस हार को फेंक देता है और मरे साँप को मुँह में पकड़कर ले जाता है… दोस्तों! कर्म की महिमा का इससे अच्छा उदाहरण नहीं हो सकता… कर्म कभी भी बेकार नहीं जाता.. मेहनत हमेशा रंग लाती है… सिर्फ और सिर्फ कर्म और अपना काम करते रहिए…….

A story with moral

Short moral stories in hindi की एक बगीचा और बहुत से फूल एक तालाब के पास लोगों को महक देते… बगीचे में बहुत से फूल और फल थे जिसमे से कुछ फूल और फल तो अपनी पहचान रखते.. कुछ फूलों और फलों का नाम कोई नहीं जानता.. एक फूल बड़ा उदास रहता कि उसकी कोई तारीफ नहीं करता.. उसका कोई नाम ही नहीं लेता.. कोई गुलाब की तारिफ़ करता तो कोई बैला की, कोई कहता कि फल तो आमफल.. कोई कहता कि फल तो केला का फल है बाकि क्या फल.. सारांश यह कि वो गुमनाम सा फल यह सोचता कि उसकी कोई तारिफ़ क्यों नहीं करता.. उसका होना और ना होना बराबर है… मुझे क्यों बनाया ईश्वर ने? वो फूल सोचता कि कुछ तो अलग मुझ में भी होगा.. मगर किसी को भी नजर क्यों नहीं आ रहा..एक दिन तेज आंधी आई.. वो फूल नीचे गिर पड़ा.. फूल ने देखा कि उसके पास  के तालाब में एक चींटी जीवन और मौत से लड़ रही थी.. चींटी को लग रहा कि मौत आ चुकी है.. तालाब का एक हिचकोला आया और बस मेरा जीवन समाप्त हो जाएगा..वो चींटी सोचने लगी तेज हवा से तो बच गयी पर अब पानी से नहीं बच सकूँगी… पास में पड़े फूल ने कहा कि चिंता मत कर.. उसने चींटी को अपने ऊपर ले लिया.. चींटी की जान बच गयी तो वो फूल से बोली कि आज आपने मेरी जान बचाकर बहुत बड़ा अहसान किया है… वो फूल बोला नहीं रे पगली! तुझे नहीं पता.. तूने मुझे क्या दिया है… मुझे आज अपनी वैल्यू पता चली है.. मैं भी किसी के काम आ सका… सब फूल तो तारिफ़ ही पाते हैं मुझे तो ईश्वर ने किसी की जान बचाने का मौक़ा दे दिया.. आज मेरी वैल्यू ख़ुद की नजर में ही बढ़ गयी.. लोग क्या कहते हैं.. आज मुझे इससे फर्क नहीं पढ़ रहा है.. मुझे अपने जीवन का लक्ष्य मिल गया है जिस पर मुझको चलना है.. दोस्तों! यही हाल हम इंसानों का है.. ईश्वर ने सबको खास बनाया है.. ख़ुद से ज्ञानवान, धनवान, रूप वान और सत्तावान को देखकर कभी ख़ुद को कम मत आंकना.. हो सकता है आज उनका कद बड़ा हो.. मगर यह भी हो सकता है कि जीवन उनका यूँ ही निकल और बीत जाये और आपके हाथों से बहुत बड़ा और सार्थक काम हो जाए… यह संसार है.. सब कुछ बदल जाता है.. जो आज है वो कल नहीं रहेगा.. दुःख है तो सुख भी आना है.. सुख है तो दुःख भी आना है.. ज्ञान, वैभव, सत्ता सब ठाट यहीं पड़ा रह जाएगा जब लाद चलेगा यह साँस रूपी बंजारा………

Hindi kahani जो जीवन की दशा बदल दे..

…short moral stories in hindi की एक बार एक गांव में एक किसान का घोड़ा घर से भाग गया..किसान के परिचित और रिश्तेदार दुःख जताने के लिए आए और कहने लगे कि बहुत बुरा हुआ! अब खेती कैसे करोगे? किसान बोला कि शायद बुरा हुआ, शायद अच्छा हुआ..परिचित मन ही मन सोचने लगे कि इसमें तो अच्छाई की कोई बात नहीं है ..दूसरे दिन घोड़ा वापस आ गया और साथ में सात जंगली घोड़े भी ले कर के आ गया…परिचितों और पड़ोसियों ने किसान को बधाई दी और कहा कि आपकी तो किस्मत ही खुल गई ..किसान बोला शायद हां ..शायद नहीं ..दूसरे दिन किसान का बेटा जंगली घोड़े पर बैठा तो घोड़े ने गिरा दिया और किसान के लड़के की पैर की हड्डी टूट गई ..रिश्तेदार आए और उन्होनें किसान को अफसोस जताया कि बुरा हुआ !किसान ने कहा ,शायद बुरा हुआ .शायद अच्छा हुआ … पाँच सात दिन  बाद राजा को बलि के लिए आदमी की जरूरत पड़ी.. किसान के लड़के की बहादुरी के किस्से सैनिकों ने सुन रखे थे..उस लड़के को लेकर सैनिक चले जाते हैं ..वहां पर दरबार में पंडित जी मना कर देते हैं कि लड़के का पैर टूटा हुआ है..इसको वापस भेज दो ..गांव वाले आते हैं और किसान को कहते हैं कि आप तो बहुत भाग्यशाली हो कि आपका बेटा वापस आ गया है …किसान बोला :शायद हां शायद नहीं. मित्रों! यही जीवन हैं.. यहाँ कुछ भी निश्चित नहीं है.. जो राजा है आज वो रंक बन जाता है.. रंक राजा बन जाता है… आज जो अमीर है वो कल गरीब हो सकता है… गरीब देखते ही देखते अमीर बन जाता है.. इसलिए जो है उसका अहंकार ना करो… नहीं है तो चिंता ना करो.. भविष्य में हो जाएगा.. चपरासी का बेटा collector बन जाता है और कलेक्टर का बेटा बाबू भी नहीं बनता है… सब कुछ परिवर्तनशील है.. जैन दर्शन का स्यादवाद भी यही कहता है कि हर सत्ता, ज्ञान और वस्तु देश काल के संदर्भ में ही सत्य है.. पूर्ण सत्य कुछ भी नहीं है…..

Best stories in hindi जो आप में जोश भर दे..

Short moral stories in Hindi..बड़ी कम्बख़त है यह मौत. कह कर क्यों नहीं आती मौत हम आदमी कितने समझदार हैं जो किसी के घर भी जाते हैं तो  कह कर जाते हैं.. एक इस मौत को देखो.. कुछ भी बतलाए बिना चली आती है.. पागल को यही पता नहीं की इंसान के कितने काम अभी अधूरे पड़े हैं.. आना है तो पहले थोड़ी सी दस्तक तो दे दरवाजे पर.. खैर ना ऐसा हुआ है और ना कभी होगा की मौत कह कर आये… एक बार एक राजा शम्सान भूमि के पास से लवाजमे के साथ में जा रहा था..एक भिखारी राजा को दिखा.. राजा ने कहा की तुम यहाँ क्या कर रहे हो? जावो मेरी रियासत में जहाँ कुछ मिलेगा… भिखारी बोला की मैं तो अभी भी सही जगह ही हूँ.. तुमको भी देर सवेर यहीं आना है.मुझे तो पता है की यहीँ आना है एक दिन.. इसलिए यहीं बैठा हूँ… राजा बोला पागल कहीँ का.. पहले कोई आता है क्या.. जिस दिन आना होगा उस दिन अपने आप ही ले आयेंगे लोग.. ले तेरे पागलपन पर एक मुहर… रख ले अपने पास.. यदि कोई तुमसे ज्यादा पागल मिले तो उसे दे देना…. बहुत साल बीत गए.. भिखारी राजा के पास गया.. बड़ी मुश्किलों से राजा से मिल पाया.. राजा को मुहर वाली बात याद दिलाई.. राजा ने कहा की अब बस कुछ दिनों का मेहमान हूँ.. बहुत बीमार हूँ..भिखारी बोला की किस दिन जावोगे? राजा बोला पागल यह पता थोड़ा ही होता है… भिखारी बोला की फिर वजीर और बख़्शी को कहकर आपने व्यवस्था तो बहुत अच्छी कर ली होगी.. राजा बोला की ऐसा थोड़ा ही होता है… भिखारी ने कहा की राशन, सूखे मेवे, व्यंजन, मुहरे आदि तो भिजवा दी होगी आपने ताकि कोई परेशानी ना हो आपको… राजा बोला क्यों टेढ़ी बातें कर रहा है? मौत जहाँ ले जाती है वहाँ कुछ भी नहीं ले जा सकते… भिखारी ने कहा की आप तो बड़े आदमी हो.. मुझे क्या पता की आप भी मेरी तरह एक दिन भिखारी से हो जावोगे.. राजा बोला की वहाँ क्या राजा और क्या रंक! भिखारी ने राजा की दी मुहर निकाली और राजा को दे दी.. राजा ने कहा की मुझे क्यों दे रहे हो यह मुहर? भिखारी ने कहा की आपने ही कहा था की कोई ज्यादा पागल मिले तो उसे दे देना… मुझे तो सबसे बड़े पागल आप ही लग रहे हो… जब आपको पता है की फूटी कोडी भी मौत आने पर कोई साथ नहीं ले जा सकता… फिर किस राजपाट का अहंकार था उस दिन.. उस दिन क्या ताउम्र रहा अहंकार… आपको मालूम था की मंजिल तो आपकी और मेरी एक ही है.. मैं पहले जाकर बैठ गया जहाँ मुझे जाना है… पागल आप थे राजन! मैं नहीं…… दोस्तों सच यही है जो भिखारी कह रहा है मगर हम तो राजा हैं.. हम नहीं मानेंगे… death औरों को आती है.. हम तो अजर अमर हैं… जीवन की ठग लकड़ी से फुरसत मिले तो कुछ अच्छा सोचें और अच्छा करें… WWW.Shreeumsa.Com पर पधारते रहें और ऐसी short moral stories in Hindi पढ़ते रहें..

Hindi story with lesson

Short moral stories nin Hindi चार दोस्त सफ़र कर रहे थे… मार्ग में समय व्यतीत कैसे हो, इसलिए चारों दोस्तों ने कोई कार्य करने की ठानी… एक मित्र गया और मिट्टी लेकर आया.. दूसरे मित्र ने उस मिट्टी से सुंदर सी मूर्ति बना दी.. तीसरे मित्र ने उस मूर्ति में ऐसे रंग भरे की ऐसा लगने लगा की मूर्ति बोल पड़ेगी… चौथा व्यक्ति तंत्र मंत्र की जानकारी रखता था.. उसने उस मूर्ति में चेतना भर दी.. प्राण डाल दिये उस मूर्ति में…. अब थोड़ी देर बाद चारों लड़ने लगे की ज्यादा योगदान किसका है…. मिट्टी नहीं होती तो मूर्ति नहीं बनती.. पर कोरी मिट्टी बेचारी क्या करती? चित्रकार नहीं होता तो मूर्ति बेजान सी दिखती.. उसके रंग से ही मूर्ति मूर्ति सी दिखी… चेतना के बिना मूर्ति क्या करती.. बिना प्राण के किसी के होने और ना होने में क्या मतलब…. अब आप ही बतावो की किसका योगदान सर्वाधिक है…

Moral story in hindi

Short moral stories in Hindi की एक संत महाराज एक किराणे की दुकान पर जाते हैं और दुकानदार से पूछते हैं कि इस डिब्बे में क्या है सेठ जी?सेठजी जवाब देते हैं किइस डिब्बे में नमक भरा है ..फिर संत महात्मा दूसरे डिब्बे की ओर इशारा करते हुए पूछते हैं कि इसमें क्या है? सेठ जी कहते हैं की इसमें बादाम भरा है.. इस तरह महाराज सवाल जवाब करते रहते हैं और सेठ जी जवाब देते रहते हैं.. अंत में महाराज बहुत दूर रखे डिब्बे की और इशारा करते हुए पूछते हैं कि इसमें क्या है? सेठजी ने कहा की महाराज इसमें राम राम भरा है… जैसे बाकि डिब्बों में कुछ ना कुछ भरा है वैसे ही इसमें shree ram भरा है.. हम सेठ लोग खाली को खाली नहीं कहते हैं.. खाली कुछ नहीं होता और खाली को हम और कुछ कह नहीं सकते.. हम इसलिए खाली डिब्बे के लिए कह देते हैं कि इसमें shree ram भरा है.साधु महाराज बोले बात तो आपकी सही है सेठजी जो भरे हैं उसमें shree ram नहीं है और जो खाली है उसमें ही shree ram है.. दोस्तों! जब तक हम काम, क्रोध, लोभ, मोह, माया, पाप और गलत बातों से भरे हैं तब तक shree ram कहाँ से और कैसे मिलेंगे? ram चाहिए तो जो पहले अंदर भरा है उसको खाली करो.. भरे को खाली करोगे तो ही कुछ पावोगे.. Shree ram को भरना है अंदर रोम राम में तो पहले ख़ुद को खाली करना पड़ेगा….

बचपन मैं मेरी दादीजी ने एक और hindi kahani सुनाई थी.. एक संत महाराज दूसरे संत महाराज के पास गए और कहा की महाराज मुझे ram चाहिए.. मुझे संसार में कुछ भी अच्छा नहीं लगता.. मुझे आप वो रास्ता बताओ जो Shree ram की और ले जाकर मुझे मुक्ति दिला दे.. महाराज बोले की आपको shree ram चाहिए ही नहीं.. आप तो भरे हुए हैं ram को पाना है तो पहले खाली होकर आवो.. संत बोला कि महाराज पूरा खाली होकर ही आया हूँ… . महात्मा जी ने कहा कि आप जब आये अंदर कुटिया में तब आपके सिर पर भारी गठरी थी.. आपने वो गठरी नीचे रख दी.. आपका ध्यान मेरे से बातें करते समय भी गठरी की और जा रहा था.. आप अभी तक गठरी का बोझा ही खाली नहीं कर पाए हो… जावो पहले सब बोझे खाली करके आवो… फिर आवो shree ram की तलाश में… दोस्तों! अब आप समझ गए होंगे की जीवन में moral story in hindi हो या shree ram की खोज या परिवार में समन्वय सब के लिए खाली होना पड़ता है… दोस्तों हम सब वो पा सकते हैं जो हम चाहते हैं पर पहले से भरे को खाली पड़ना है..

Hindi kahani

Short Moral stories in hindi में आपको हमेशा की तरह एक फ़कीर के बहाने परम तत्व के बारे में बताने जा रहा हूँ.. एक फ़कीर ने मौन धारण कर लिया.. तय किया कि जब मौत बिल्कुल पास होगी तब ही कुछ बोलेगा.. हालाँकि ज्ञानी लोगों का यह मानना है कि मौत तो आती ही तब है जब आदमी सब कुछ भूल जाता है.. याद रहे तो वो मौत कैसी? जब मोह खत्म होगा और भूल पड़ेगी तभी तो मौत आती है.. चेतना और मोह हो तब तक क्या मौत? खैर! फ़कीर अपनी मौज में रहता.. एक दिन चाँदनी रात में अपनी ही धुन में पगलाया फकीर ना जाने कैसे पड़ोसी राज में चला गया.. गुप्तचरों ने सवाल पर सवाल पूछे.. फ़कीर मुस्काये पर बोले नहीं.. गुप्तचरों ने पूरी कोशिश की पर फ़कीर टस से मस नहीं.. आखिर में एक गुप्तचर ने दुश्मन मानकर जोर से छूरा घोंप दिया.. खून के फव्वारे छूटे.. फ़कीर आखिरकार बोला…. तत्त्वमसी… वह तूँ ही है.. सालों की साधना और शब्द एक तत्वमसि….. यह जीवन का सार है.. हम ताउम्र बोलते रहते हैं मगर मर्म पकड़ नहीं पाता.. पकड़ में कैसे आये मर्म.. ध्यान तो कहीँ और रहता है.. फ़कीर ने कहा कि वह तूँ ही है.. सब कुछ तूँ ही है जबकि हम ताउम्र मैं मैं करते रहते हैं मगर अहम ब्रह्मस्मि .मैं ही ब्रहम हूँ और तत्तत्त्वसी अर्थात वह तूँ ही है को समझ नहीं पाते हैं… नानक जी ने एक बालक से पूछा कि तूँ बहुत छोटा है.. तेरी कहाँ अभी मौत है? अभी बालक है.. जवान होगा फिर बुढ़ा होगा… बालक बोला कि गुरुदेव! मेरी माँ जब चूल्हा जलाती है और बड़ी लकड़ी जब जलती नहीं है तब छोटी छोटी लकड़ियों को जलाती है.. बहुत बार वो सिर्फ छोटी लकड़ियों को ही जलाती है.. वैसे ही ईश्वर का क्या भरोसा.. कभी बड़ी तो कभी छोटी लकड़ी जला देता है… नानक जी बोले.. तत्त्वमसी.. वह तूँ ही है जिसको मैं ढूँढ रहा था.. मो को कहाँ ढूंढे रे बंदे?. मैं तो तेरे पास मैं..ना मैं मंदिर ना मैं मस्जिद.. ना क़ाबे कैलाश में… खोजी को तुरंत मिलूँगा… पल भर की तलाश में… मर्म यह है कि सब कुछ हम ही हैं.. बाहर मत भटको.. हेली महारी बाहर भटके कांई थारे सब सुख है घट माहीं….सब कुछ आप ही हैं.. आप से बढ़कर कुछ भी नहीं है…Moral story in hindi का सार है कि चाहे तो बना दे.. चाहे तो बिगाड़ दे.. जीवन तेरा है.. चाहे तो सुरूप दे चाहे तो कुरूप दे.. रूप देना तेरे हाथ में है.. जब सब कुछ तूँ ही है तो तो फिर तूँ भी आज उस कुम्हार की तरह बन जा जिसने सुरूप देना सीख लिया.. एक कुम्हार मिट्टी से चिलम बनाते बनाते रुक गया.. मिट्टी ने पूछा कि रुक क्यों गए? कुम्हार बोला आज मेरी मति फिर गयी है.. अब मैं चिलम नहीं बनाकर सुराही बनाने जा रहा हूँ.. मिट्टी बोली आज पहली बार जीवन में तूँ वो बन गया है जो तुझे बहुत पहले बनना था.. आज तेरी तो मति बदली है .मेरी तो जैसे जिंदगी ही बदल जायेगी.. कुम्हार बोला कैसे? मिट्टी बोली कि चिलम ख़ुद भी जलती है और औरों को भी जलाती है.. सुराही ख़ुद भी ठंडी और दूसरों को भी ठंडक देती है.. दोस्तों! यही जीवन है.. इसको कहते हैं कि तत्वमसी… वह तूँ ही है.. पर पहचान अपने को.. कुछ बालक ज्यों बचपन में ही जान लेते हैं और कुछ बहुत देर से जानते हैं और कुछ कभी भी नहीं जान पाते हैं.. पहचानो आप कौन?

Hindi kahani कब मिटेगी परेशानी?

सब short moral stories in Hindi,succes story, motivational story और inspirational story यही कहती है की हिम्मत रखो.. . शांत रहना सीखो और मान लो की जीवन में परेशानियों के बीच ही मुस्कुराना है…

एक बाप ने एक बेटी को तीन बर्तन दिये और कहा की एक बर्तन में आलू और दूसरे में ground coffe beans और तीसरे में egg को उबालने को कहा.. तीनों को एक ही तापमान पर उबाला गया..

उबालने के बाद बेटी से पूछा की बताओ तीनों को touch करके की क्या हुआ?

बेटी ने कहा की आलू तो बहुत ही सॉफ्ट है और और egg तो अभी भी अंदर से hard है और coffe beans तो सुघंध दे रहे हैं….

बेटी ने कहा की पिताजी moral of story क्या है तो पिताजी ने कहा कि यह motivational story कहती है की adversity the boiling water face सबकी एक सी थी पर पर potatoes पहले strong hard थे पर उबलने पर soft और कमजोर हो गए… Coffee और सौगंधिक हो गयी और eggs अंदर से hard हो गए..

Adversity और परेशानी सब जगह है और सवाल यह है की आप कैसे response करते हो?

Shreeumsa. Com की यह moral stories अच्छी लगी तो दिल से आगे share करना social media पर ताकि हमारी टीम और ऐसी कहानियाँ आपको सुना सके…

Motivational Quotes

u may read also Moral Story Of Your Life – बंदर की खरीद बिक्री का ऐसा खेल जो खेला वह पछताया, आप तो नहीं खेल रहे – Amar Ujala Hindi News Live

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on whatsapp
WhatsApp
Share on telegram
Telegram
Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on whatsapp
Share on telegram

RECENT POSTS

SHORT MORAL STORIES IN HINDI जो आपकी सोच बदल देगी…

short moral stories in hindi
Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on whatsapp
Share on telegram

1 thought on “SHORT MORAL STORIES IN HINDI जो आपकी सोच बदल देगी…”

  1. Pingback: Dhanush biography..all about dhanush and his life A TO Z

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RECENT POSTS