Moral story in hindi

moral story in hindi
कहानियाँ जो जीवन का मर्म बता दे आपको... -

5 Moral story in hindi ….. motivational storyएक राजा की कंजूसी के किस्से सारी रियासत में फैले हुए थे .एक बार एक महात्मा जी पधारे .. महात्मा जी ने राजा की कंजूसी के सारे किस्से सुन रखे थे .महात्मा जी ने राजा के यहां सत्संग की और राजा बहुत ही प्रसन्न हुआ..महात्मा जी ने,कहा कि राजन में साधु हूं और कोई स्थाई ठिकाना नहीं है… मेरे पास यह कंकड़ों की पोटली है ..इसे आप अपने पास संभाल कर रखना ..बड़े कीमती है यह पत्थर! राजा ने कहा कि यह वापस कब लेंगे? महात्मा जी ने कहा यह तो मुझे मालूम नहीं ..हो सकता है कि हम दोबारा मिले ही नहीं ..पर भगवान के यहां मिलेंगे तो वहां पर हम, यह हिसाब कर लेंगे..राजा ने कहा कि मृत्यु के बाद भला कंकड़ कैसे ला पाऊंगा !आप भी महाराज पागलों जैसी बातें करते हैं!वहां भला कोई साथ में कुछ ले जा सकता है? साधु महाराज बोले कि जैसे आप हीरे -जवाहरात, सोना ,चांदी ,रुपए धन- दौलत लेकर के साथ आवोगे तो साथ में कंकड़ों की पोटली भी लेते आना… राजा को ज्ञान हो गया की संसार में साथ कुछ नहीं जाता… जो भी दान पुण्य और भलाई कर दी वो ही साथ है.. दोस्तों यह moral story बताती है की सब ठाट यहीं पड़ा रह जायेगा.. दुनिया और दुनियादारी अपनी जगह पर नेकी के लिए और ख़ुद के आत्म -विकास के लिए जो समय लगाया वही असली धन है.. यही असली investment और वही PLI और असली share market निवेश है…

क्या संभव है की हम दुनियादारी की ठग लकड़ी से हट जाएँ? moral story in hindi

5 Moral story in hindi motivational story hindi में और साधु संतों के प्रवचनों में विश्वास करने वाला एक व्यापारी एक साधु महाराज के पास जाता है और उनके उपदेश सुनता है.. व्यापारी कहता है की महाराज आपकी सारी बातें सही है पर दुनियादारी में यह संभव नहीं है की हम लोभ और मोह माया को भूल जाए.. महाराज ने सुना और दूसरे दिन जब व्यापारी आया तो महाराज बोले की सेठ जी आपके जीवन के सिर्फ सात दिन बचे हैं.. अब सेठ जी उदास घर आये..मन को बहुत समझाया पर मौत का  तांडव मन पर इतना समाया कि मन बहुत ही भारी हो गया.. किसी भी काम में मन नहीं लग रहा.. व्यापारी साथी की बातों में रस नहीं रहा.. घर के छप्पन भोग भी फीके फीके लग रहे थे.. बैमन से खाना खाया… अब सेठ जी का ध्यान दुनियादारी की बजाय धर्म कर्म, पूजा पाठ, नीति और समाज सेवा में रमने लगा.. दुकान पर बैठते तो सिर्फ ऐसे बैठते जैसे किसी और की जागीर हो और वो सिर्फ रखवाले हो…. घर और रिश्तों को समय देना प्रारंभ कर दिया.. छोटों को प्रेम से सरोबार करते और बुजुर्गों की नशिहतें सुनते.. सेठ जी की जिन जिन से नाराज़गी थी सबको माफ़ कर दिया और सबके प्रति मैल भाव खत्म कर भाईचारा बना लिया.. आज सातवाँ दिन है.. सेठजी ने पत्नी से कहा की दुनिया में कुछ नहीं रखा है और आज से मेरी मंजिल ईश्वर है.. तुम भी दुनिया और दुनियादारी छोड़ कर साधु संतो की moral story सुनो और जीवन का मर्म समझ लो… सेठ जी ने सोचा की यह जीवन तो यूँ ही गँवा दिया.. अब महाराज से पूछूँगा की कुछ ज्ञान दे दो जिससे परलोक सुधर जाए… सेठ जी महाराज के पास बैठे हैं.. महाराज ने पूछा की कैसे बीते सात दिन? कितनी ठग लकड़ी की.. कितनी बेईमानी की.. कितने झूठ बोले.. कितने पाप किये.. कितनी लड़ाई की.. कितना पैसा कमा लिया इन सात दिनों में.. सेठ बोला की सच तो यह है की इन सात दिनों में सिर्फ मौत याद रही और ईश्वर और अच्छे कर्म याद रहे.. दुनिया और दुनियादारी की सारी बातें भूल गया महाराज!         महाराज बोले की जावो सेठ और अब ताउम्र बाकि की जिंदगी ऐसे ही जीना.. सेठ ने कहा की आपने तो कहा था की सात दिनों में मेरी मौत होगी.. महाराज बोले पगले! मौत तो सात दिनों में ही आती है.. कोई सोमवार को तो कोई रविवार को तो कोई बुधवार को मरेगा.. किसी ना किसी दिन तो किसी ने किसी वार को… सेठ जी आप कहते थे ना की महाराज दुनिया में रहते दुनियादारी ज़रूरी है.. जब मौत याद रहती है तो हम सब याद रखते हैं पर हम मौत को भूल जाते हैं तो सब भूल जाते हैं.. यह.5 Moral story Hindi ,motivation quotes बताती है की दुनिया में रहते हुए सब कर्म करें मगर जो सच है उसको हमेशा याद रखें..

कैसे मन को पता चलता है moral story in hindi

Moral story hindi motivational story बताती है की सत्य हर तरफ़ से साफ़ नज़र आता है.. शंकराचार्य का भारत के दर्शन ही नहीं विश्व दर्शन में बहुत बड़ा नाम है क्योंकि उन्होंने अद्वैतवाद का प्रतिपादन किया. आपने बताया कि ब्रह्म सत्य है जगत मिथ्या है और जीव और ब्रह्म में कोई भी अंतर नहीं है.. मंडन मिश्र और शंकराचार्य के बीच में दार्शनिक मुद्दों पर वाद विवाद हो रहा था और समय बहुत ज्यादा लग रहा था ..मंडन मिश्र की पत्नी देवी भारती को अपने घर के दैनिक कार्य भी निपटाने थे ..वे दोनों के गले में फूलों की माला डाल कर चली गई .थोड़ी देर बाद वापिस आई और मंडन मिश्र और शंकराचार्य दोनों को बड़े ध्यान से देखा और मंडन मिश्र को पराजित घोषित कर दिया ..लोगों ने पूछा कि आप तो घर के कार्यों में व्यस्त थी….आपने किन आधारों पर अपने पति को पराजित घोषित किया? देवी भारती बोली कि मैंने दोनों के गले में फूलों की सुंदर माला डाली थी…लेकिन जब मैं अभी वापस लौटी हूं तो मैंने देखा मेरे पति के गले में क्रोध के कारण माला मुरझा और सूख चुकी हैऔर शंकराचार्य के गले की माला वैसी की वैसी है..व्यक्ति जब पराजित होता है ,निराशा में होता है , अपनी बात खुद कोई अच्छी नहीं लग रही है , तब आँखों की चमक ही खो देता है…आदमी जब हार जाता है तब उसकीआंखों की चमक ,उसके चेहरे के भाव और उसकी बेबसी ही बता देती है . मेरे पति के चेहरे पर वैसे ही भाव अभी है..इसके साथ ही शंकराचार्य जी की चेहरे पर सहज, सरल और सुलभ चमक है जो मेरे पति के चेहरे पर मुझे नजर नहीं आई..मेरे पति के चेहरे पर गुस्से और मायूसी ने मुझे बता दिया कि मेरे पति पराजित हो चुके हैं.. दोस्तों यह moral story बताती है की जीवन में जब हार हो तब निराश नहीं होना चाहिए.. दुनियाँ आपके भावों को पढ़ लेती है.. हारे आदमी को सिर्फ इतना ही सोच लेना चाहिए की आज वक्त मेरा नहीं है या प्रयासों में कोई कमी है.. Moral story बताती है की हार भी जावो तो हिम्मत मत हारो.. जिद, जुनून और होंसलों को जिंदा रखो…

लँगड़ा कोई शरीर नहीं होता…

5 Moral story in hindi motivational story कहती है की आदमी की भूख कभी मिटती नहीं.. जो हमेशा और और करता रहता है और उस और के लिए अपना चैन सुकूँ खो दे वही अंधा, बेहरा और लंगडा है… तैमूरलंग ने एक सुल्तान पर हमला किया.. जिस पर हमला किया वो एक आँख से काना था.. हमले में तैमूर जीत गया और जीत के बाद समझौता और शांति वार्ता हेतु कई लोग आये हुए थे जिनमें से एक सूफी संत भी था… तैमूर ने हास्य का माहौल करने के लिए कहा की ए ख़ुदा तुझे क्या हो गया है जो एक लँगड़े को और दूजा काने को सुल्तान बना दिया.. सूफ़ी संत को यह हँसी अच्छी नहीं लगी.. संत ने कहा पागल सुल्तान! सल्तनत की जरूरत तेरे जैसे लँगड़े को है.. लंगडा होना कोई बुरी बात नहीं है जो, तुं मजाक कर रहा है.. खुदा की नज़र में तो सब बराबर है.. तेरी जैसी सोच लंगड़ी नहीं होनी चाहिए.. मेरा भाई भी लंगडा है पर दो कदम चलने पर भी ख़ुदा को शुक्रिया कहता है.. तुम लाखों कदम भर करके भी खाली के खाली हो.. सुल्तान! मन का लंगडापन ज्यादा भारी और बोझिल है.. मन की मजबूती ज़रूरी है.. तेरी जैसी सोच विकलांगता को हराती है.. मन से जीत ज़रूरी है.. मन की शक्ति के आगे सब हारे हैं.. स्टीफन हॉकिंग की biography पढ़ें.. आपको लगेगा की सफलता के लिए मजबूत will power ,positive thoughts , positive quotes चाहिए सिर्फ.. मन से हार है और मन से ही जीत है..

क्यों आये हैं हम दुनिया में

5 Moral story in hindi motivational storyहमें जीने का रास्ता बताती है.. एक बार एक दादाजी ने अपने पोते को कुछ रु दिये और कहा की जल्दी से यह दवाई लेकर आ.. कहीँ भी रुकना मत.. बहुत ज़रूरी है यह दवाई.. पोता गया बाजार में और नज़र पड़ गयी मदारी पर.. भीड़ जमा थी और मदारी अपनी कलाबाजी दिखा रहा था.. बच्चा जाकर वहाँ रुक गया.. मदारी के बंदर और बंदरिया के खेल में बालक रम गया.. मदारी कभी साँप को दिखाये तो कभी नेवले को..मदारी की कला बालक को मोहित कर गयी.. कला वही है जो दिल को बहला दे.. मदारी कभी कुछ तो कभी कुछ करतब दिखाये….. बालक भूल गया.. क्यों आया था बाजार में.. क्या लेने भेजा था.. यहाँ क्यों रुक गया.. वापिस भी तो जाना है.. आप कहोगे दोस्तों! यह तो घर- घर में होने वाली साधारण बात है.. यहाँ moral story कहाँ?

5 Moral story in hindi motivational storyहै और बहुत गहरी बात है.. आप इस बालक की नादानी पर हंस रहे होंगे की दादाजी तो इंतजार कर रहे हैं और यह नादान भूल बैठा है..मदारी के यहाँ अपना समय व्यतीत कर रहा है.. मित्रों! यह तो बालक है.. आप और हम तो समझदार हैं.. ईश्वर ने हमें भी वैसे ही भेजा है जैसे दादाजी ने पोते को कुछ सामान लेने भेजा है.. बालक तो थोड़ा रुक कर आ जायेगा.. और हम?. ईश्वर ने भेजा है हमें.. हम क्या कर रहे हैं? क्यों भेजा है? क्या हमें भी मदारी की तरह सिर्फ दुनिया और दुनियादारी की लीला देखने भेजा है? क्या कोई उद्देश्य है हमारे? क्या हम हरि भजन को आये थे और कपास को ओट रहे हैं.moral story कहती है की बच्चा तो नादान है पर आप क्यों मदारी के मायाजाल में उलझे हो.. रहना नहीं है क्योंकि देश बेगाना है..

Moral story motivational story के बहाने जीवन की बातें है.. आपको यह moral story, positive thoughts, motivational stories अच्छी लगी तो कंमेंट् कर बताना ताकि और अच्छी inspirational quotes और inspirational story आपसे साझा कर सकें..

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सफलता का सार क्या है

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8 thoughts on “Moral story in hindi”

  1. आज एक साथ इतनी सारी कहानियां मन किया पढ़ता ही जाऊं ।
    धन्यवाद और आभार
    बस लिखते रहें ताकि भागदौड़ की जिंदगी में दो पल सुकून मिले ।

    1. Mahipal Singh Charan

      aapka ek shabd motivate karta hai ki acchi kahaniyon ke paarkhi kam hote hain par jo hote hai vo kamal hote hain

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