Hanuman ji का मैनेजमेंट

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हनुमान जी का मैनेजमेंट....... -

Hanuman जी के जीवन से हमें वो सब कुछ सीखने को मिलता है जो हमें आधुनिक प्रबन्ध की बड़ी बड़ी पुस्तकों से भी सीखने को नहीं मिलता है.. Hanuman जी का मैनेजमेंट किताबी ज्ञान की तरह नहीं होकर जीवन की प्रयोगशाला में तपकर अनुभूत किया ज्ञान था.Hanuman जी के जीवन से हमें मैनेजमेंट के सारे गुण सीख सकते हैं:

Decession making

Hanuman के जीवन में किसी भी समय द्वंद देखने को नहीं मिलता.decession लेते समय अपना सर्वोत्तम झोंक दो.. Hanuman जी को संजीवनी बूटी लानी थी तब hanuman जी पूरा पर्वत ही उठा लाये.. निर्णय में हमेशा आगे रहते हनुमान जी.. उनके निर्णय दूरदर्शी, तार्किक, बौधिक और सहभागीदारी जैसे गुणों से प्रेरित होते थे… निर्णय वही जो समय पर ले.. द्वंद खत्म कर दे..

गलतफहमी दूर करना

Hanuman जी जब सीताजी से मिले तो सीताजी ने पूछा की श्री राम मुझे कितना याद करते हैं.. Hanuman जी कहते हैं आप से भी ज्यादा.. मगर आपके दुःख से वह बहुत दुःखी हैं.. मैनेजमेंट का काम है गलतफहमी दूर करना.. आज हर pvt. और govt हर संगठन गलतफहमी के कारण अपना सर्वोत्तम परिणाम नहीं दे पा रहा है.. .

Hanuman जी का टीम मैनेजमेंट

Hanuman जी मैं की बजाय हम शैली में विश्वास करते हैं.. श्री राम जी के प्रति जहाँ असीम प्रेम था वहीं सहकर्मियों के साथ भी उनका टीम वर्क उनकी सफलता कार्य प्रारम्भ के साथ ही पॉजिटिव result की परिणीति तय कर देते हैं.. आज हर जगह कार्य की सफलता का श्रेय लेने की होड़ लगी रहती हैं उनके लिए hanuman जी अनुकरणीय हैं क्योंकि उन्होंने सिर्फ कभी मैं को हावी नहीं होने दिया और सबको श्रेय दिया success का.. .

रुको मत जब तक मंजिल ना मिल जाए

Hanuman जी सीतामाता की तलाश में लंका की तरफ जा रहे थे.. मैनाक पर्वत hanuman जी से विश्राम का निवेदन करते हैं.. हनुमान जी रुकते नहीं है.. विश्राम तब तक नहीं.. आराम जीवन में तब तक मत करो जब तक मंजिल ना मिल जाए.. रुको मत.. बस चलते रहो जब तक सफलता ना मिल जाए.. मोहे कहाँ विश्राम?

Safe zone से बाहर निकलो

Hanuman जी एक राजा के बेटे हैं मगर सत्ता के टॉप लेवल की बजाय grassroot से काम का प्रारंभ करते हैं.. हनुमान जी के सारे गुण field मैनेजमेंट के कारण हैं.. सूचना का महत्व,practical knowledge, मेहनत, अनुशासन, धीरज जैसे गुणों के कारण उनका प्रबन्ध आज भी success case study है.. Safe zone से बाहर निकलकर ही कोई सफल हो पाता है.. अभाव और संघर्ष आपको निखारते हैं…

झुकना सीखो

सुरसा जब मुँह फैलाती है तब hanuman जी लघु रूप धारण कर लेते हैं.. उनकी शिक्षा है की सब के ego को satisfy करना सीखो.. विनम्र होना बहुत जरूरी है.. बड़ों के प्रति प्रेम और छोटों के प्रति सदा स्नेह हनुमान जी का मूल मैनेजमेंट मंत्र है…

जीवन का सच सिर्फ सीखने का नहीं है;सच निज पर शासन फिर अनुशासन…

हनुमान जी का जीवन यायावर का जीवन है.. जंगल है फिर भी मंगल है.. भरोसा तो कूट कूट कर भरा है.. Communication skills, emotional intelligence, dedication, good organisor, patience, innocence, transperncy, positive thought, time bound, will power सीखने की चाह है तो हनुमान जी का मैनेजमेंट जरूर पढ़ें और समझे.. हनुमान जी थ्योरी की बजाय practial प्रूफ से जीवन जीने की कला सिखाते हैं…..

मिलने को तो भगवान भी मिलते हैं… मगर

एक कहानी जो जीवन बदल दे

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